अकाली दल ने हमेशा अपने घोषणा-पत्र को लागू किया है : डा. चीमा


चंडीगढ़, 29 मार्च (अ.स.) : पूर्व मंत्री शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. दलजीत सिंह चीमा ने आज कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर सच्चाई से दूर और गैर-ज़िम्मेवार बयान देने के लिए सख्त निंदा करते हुए कहा कि अकाली दल ने हमेशा अपने घोषणा-पत्र को पूरी सूझबूझ से तैयार किया है और फिर इसको पूरी तरह लागू भी किया है। जाखड़ ने अकाली दल के संरक्षक और पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके स. प्रकाश सिंह बादल के इस बयान का विरोध किया था कि राजनीतिक पार्टियों को सत्ता में आने के बाद घोषणा-पत्र लागू करने के लिए कानूनी तौर पर प्रबंध बनाया जाना चाहिए। जाखड़ ने कहा था कि स. बादल ने यह बयान देरी से दिया है, उनको अकाली दल का घोषणा-पत्र लागू करना चाहिए था। जाखड़ की सलाह की दरकिनार करते हुए डा. चीमा ने कहा कि स. बादल ने 1997 के विधानसभा चुनावों में घोषणा-पत्र में किसानों को नि:शुल्क बिजली और दलित लड़कियों को शगुन स्कीम देने का वायदा किया था और यह दोनों वायदे सत्ता में आने के एक महीने भीतर पूरा कर दिया था। उन्होंने वित्तीय मुश्किलों की भी प्रवाह नहीं की थी जबकि कांग्रेस पार्टी प्रदेश का खज़ाना बिल्कुल खाली छोड़ कर गई थी। अकाली नेता ने बताया कि 10 वर्ष बाद अकाली ने पुन: गरीबों के लिए रियायती दरों पर आटा और दाल देने का वायदा किया था और सरकार बनती ही यह स्कीम लागू कर दी गई थी, जोकि 2017 तक अकाली दल के सत्ता में रहने तक लागू रही थी।