1,807 एनजीओ व शिक्षण संस्थानों का एफ.सी.आर.ए. पंजीकरण रद्द


नई दिल्ली, 12 नवम्बर (उपमा डागा पारथ) : इस साल कानून का उल्लंघन करते पाए गए 1,800 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों और शिक्षण संस्थानों का एफसीआरए पंजीकरण रद्द कर दिया गया है तथा उनके विदेशी धन प्राप्त करने पर रोक लगा दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विदेशी योगदान (नियमन) कानून (एफसीआरए) के तहत जिन संस्थानों और संगठनों का पंजीकरण रद्द किया गया है, उनमें राजस्थान विश्वविद्यालय, इलाहाबाद कृषि संस्थान, यंग मेन्स क्रिश्चियन एसोसिएशन, गुजरात और स्वामी विवेकानंद एजुकेशनल सोसाइटी, कर्नाटक भी शामिल हैं। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि एफसीआरए पंजीकरण को रद्द किए जाने के साथ ही इन सभी एनजीओ और शिक्षण संस्थानों के विदेशी धन प्राप्त करने पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यत: बार-बार याद दिलाए जाने के बावजूद छह साल तक वार्षिक आयकर और विदेशी धन के संबंध में खर्च का ब्योरा जमा न करने की वजह से इन संगठनों का एफसीआरए पंजीकरण रद्द किया गया है। अन्य जिन संस्थानों का एफसीआरए पंजीकरण रद्द किया गया है, उनमें इंस्टिट््यूट ऑफ पल्मोकेयर एंड रिसर्च, पश्चिम बंगाल, नेशनल जीयोफिजिकल रिसर्च इंस्टिट््यूट, तेलंगाना, राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, महाराष्ट्र, रबींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च, पश्चिम बंगाल और बैप्टिस्ट क्रिश्चियन एसोसिएशन, महाराष्ट्र भी शामिल हैं। इस साल कुल 1,807 संगठनों और संस्थानों का एफसीआरए पंजीकरण रद्द करने के साथ ही एक अन्य संगठन, बेंगलूरू स्थित एनजीओ इन्फोसिस फाउंडेशन का पंजीकरण खुद इस संगठन के ‘आग्रह’ पर रद्द कर दिया गया।