मालवे की कपाह पट्टी में कैंसर पर अंतर्राष्ट्रीय इनामी डाक्यूमैंटरी बनाने वाले डैनिश पत्रकार का सम्मान


कोपनहैगन, 18 नवम्बर (अमरजीत सिंह तलवंडी): कल यहां डैनमार्क के कोपनहैगन स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के गुरुपर्व समारोह हुए। समारोह में विशेष तौर पर पहुंचे अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त डैनिश पत्रकार टोम हाइनमैन का प्रबंधक कमेटी द्वारा उनके द्वारा पंजाब में कपाह पट्टी में फैले कैंसर के मुख्य कारणों संबंधी ढिंढोरा पीटती तथ्य आधारित फिल्म ‘ए किल्लर बारगेन’ बनाने संबंधी विशेष सम्मान किया गया। इस संबंधी अपने सम्बोधन में टोम ने कहा कि उन्होंने तो अपना फर्ज अदा किया है। उन्होंने कहा कि उनको तो यह सच्चाई दिखाई कि कैसे डैनमार्क की कैमीनोवा कम्पनी की यूरोप में 1990 से पाबंदीशुदा कपाह नरमे आदि पर प्रयोग की जाती स्प्रे को भारत में आंखें मूंद कर छूट दी गई जिससे पहले उनको फिल्म बनाने के व बाद में उनका भारत में दाखिला ही बंद कर दिया गया जो अभी तक जारी है। उन्होंने बताया कि कैसे उनको भारत का वीज़ा लेने की बेनती पर अपना पासपोर्ट काट कर फेंकना पड़ता है, क्योंकि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के निर्देश पर कोपनहैगन मिशन बार-बार उसकी वीज़ा अज़र्ी फेल्ड की मोहर उसके डैनिश पासपोर्ट में लगा देती है, जिससे उसको दुनिया के अन्य देशों में भी दाखिला मिलने में मुश्किल का तौखला पैदा हो जाता है। उन्होंने कहा कि उसने तो उक्त डाक्यूमैंटरी में भारत के मज़दूरों, किसानों व उनके परिवारों के हालातों को तथ्यों के आधार पर सच बयान किया है, जोकि लोक व देश पक्षीय है न कि भारत देश विरोधी तो फिर उसके साथ ऐसा व्यवहार क्यों?