शोर से भी बढ़ती हैं मानसिक बीमारियां


शोर हमारे कानों के लिए घातक है ही, हमें कई मानसिक बीमारियां भी दे सकता है। एक और आधुनिक जीवन और बदली जीवन शैली के तनाव और दूसरी ओर शोर भरा वातावरण भी काफी है मनुष्य को मानसिक रोगों से ग्रस्त करने के लिए।  लोगों को समझना चाहिए कि शोर प्रदूषण उनके लिए खराब है, अत: जिस कार्यवाही में शोर हो, उसे खत्म करें। यदि जनरेटर लगाना हो तो ऐसा जेनरेटर लगाएं कि जिसमें शोर न होता हो। यदि आपके कार्य स्थल पर किसी मशीन का शोर है तो ईयर प्लग लगाएं।वैसे भारत में शादी विवाह के समय प्रयोग होने वाले डीजे और जागरण में प्रयोग होने वाले लाऊड स्पीकर भी इसके लिए कम दोषी नहीं हैं।