आयकर विभाग को चूना लगा रहे ठेकेदार अवैध जगहों पर शराब पिलाने के लिए वसूल रहे हैं पैसे


लुधियाना, 21 अगस्त (पुनीत बाबा) : पंजाब सरकार के लिए राजस्व इकट्ठा करने का सबसे बड़ा साधन आयकर विभाग है। पर इस विभाग को भी शराब के ठेकेदार चूना लगाकर अपनी मर्जी से शराब पिलाने की मंजूरी देकर ज्यादा पैसे बसूल रहे हैं। जबकि विभाग मूकदर्शक सबकुछ अपनी आंखों के सामने देख रहा है।  जानकारी अनुसार आयकर विभाग के अनुसार जो भी ठेकेदार का शराब का ठेका ड्रा से निकलता है, तो वह अवैध शराब के ठेके वाली जगह के साथ ही विभाग को सरकारी फीस देकर मंजूरी लेकर अहाता खोल सकता है। पर विभाग के नियमों को ताक पर रखकर पंजाब भर में शराब के ठेकेदारों, आयकर विभाग व पुलिस की सेवा के चलते अनगिणत ढाबों, रेस्तरां, रेहड़ियों व अन्य जगहों पर नाजायज़ तौर पर शराब पिलाने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। शराब ठेकेदारों की द्वारा अपनी शराब की बिक्री करने व ठेके लेने के लिए दी गई महंगी फीस की वसूली करने हेतु अपनी हद में पड़ते ढाबों, रेस्तरां वालों, रेहड़ी वालों व अन्य को रोजाना किश्त देकर शराब पिलाने का हुकम जारी किया जाता है। शराब के ठेकेदारों करके आयकर विभाग व पुलिस की तिकड़ी का सीधे सरकार के खजाने को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है, वहीं जिन होटल वालों ने 3 लाख 80 हजार सालाना फीस देकर शराब पिलाने का लाईसैंस व 2 लाख 50 हजार रुपए सालाना फीस देकर बीयर पिलाने का लाईसैंस लिया है। क्योंकि उनको सालाना फीस के इलावा शराब के लिए 350 रुपए प्रति लीटर व बीयर के लिए 35 रुपए प्रति लीटर आयकर ड्यूटी अलग तौर पर देनी पड़ती है। उनको भी घाटा पड़ रहा है। बिना बार फीस दिए शराब पिलाने का काम करने वाले ढाबों, रेस्तरां व रेहड़ी वाले होटलों से सस्ते रेटों में खाने पीने का सामान बेचा जाता है, जिस करके पंजाब में होटल मालिकों ने बार के लाइसैंस लेने से किनारा कर लिया है।