मामला पुलिस कर्मचारियों के डोप टैस्ट की रिपोर्टों में गड़बड़ का-स्वास्थ्य विभाग के सैक्रेटरी व डी.सी. द्वारा जांच के लिए टीमें गठित


तरनतारन, 19 नवम्बर (हरिन्द्र सिंह): पिछले दिनों पुलिस कर्मचारियों के डोप टैस्ट संबंधी सिविल अस्पताल तरनतारन द्वारा दी गई रिपोर्ट व अमृतसर के सरकारी अस्पताल में करवाई डोप टैस्ट की रिपोर्ट अलग-अलग आने के बाद मामले का गंभीरता से नोटिस लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के सैक्रेटरी अनुराग अग्रवाल व डिप्टी कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रशासन द्वारा अलग-अलग जांच की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल ने इस संबंधी जांच करने के लिए आई.ए.एस. अधिकारी अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) संदीप कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया है, जोकि 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सिविल अस्पताल तरनतारन द्वारा पुलिस कर्मचारियों के डोप टैस्ट संबंधी दी गई रिपोर्ट की बारीकी से जांच की जाएगी तथा इसमें शामिल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वर्णनीय है कि पिछले दिनों एस.एस.पी. ध्रुव दहिया द्वारा शिकायतों के आधार पर कुछ पुलिस कर्मचारियों के सिविल अस्पताल तरनतारन में डोप टैस्ट करवाए गए थे, जिनकी रिपोर्ट सही पाई गई थी परन्तु एस.एस.पी. ध्रुव दहिया द्वारा संदेह होने पर इन पुलिस कर्मचारियों के दोबारा डोप टैस्ट सिविल अस्पताल अमृतसर में करवाए गए तथा 23 पुलिस कर्मचारियों में से 14 पुलिस कर्मचारियों के डोप टैस्ट फेल पाए गए थे।
इस संबंधी एस.एस.पी. तरनतारन ध्रुव दहिया द्वारा डिप्टी कमिश्नर तरनतारन को इस मामले की जांच करवाने के लिए लिखा गया था जिसको गंभीरता से लेते हुए डिप्टी कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल द्वारा तुरंत जांच कमेटी का गठन किया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सिविल अस्पताल तरनतारन में किए गए डोप टैस्टों की बारीकी से जांच की जाएगी। आरोपी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सिविल अस्पताल के एस.एम.ओ. डा. इन्द्रमोहन गुप्ता ने कहा कि डोप टैस्टों में गड़बड़ी होने की कोई गुंजाइश नहीं है। एक डाक्टर व लैबोरेटरी टैक्नीशियन की देख-रेख में यह टैस्ट किए जाते हैं तथा कभी भी कोई शिकायत नहीं मिली। फिर भी यदि कोई इस मामले में आरोपी पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।