सैमीफाइनल में हारे सिंधू और श्रीकांत



कुआलालंपुर, 30 जून (भाषा) : भारत के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ियों पीवी सिंधू और किदांबी श्रीकांत को आज यहां क्रमश : महिला और पुरुष एकल सेमीफाइनल में कड़े मुकाबलों में हार का सामना जिससे 700000 डालर इनामी मलेशिया ओपन सुपर विश्व टूर 750 टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई। पहले श्रीकांत दुनिया के पूर्व नंबर दो खिलाड़ी जापान के केंतो मोमोता की चुनौती से पार पाने में विफल रहे जो अवैध सट्टेबाजी के कारण एक साल के प्रतिबंध के बाद वापसी कर रहे थे। सिंधू को भी इसके बाद गत चैम्पियन और दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ताइ जू यिंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी ताइ जू की बेहतर तकनीकी खेल और शारीरिक दमखम की बराबरी नहीं कर पाई। अप्रैल में संक्षिप्त समय के लिए दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बने श्रीकांत को दुनिया के 11वें नंबर के खिलाफ मोमोता के खिलाफ 13-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। मोमोता की यह लगातार 21 वीं जीत है। सिंधू भी इसके बाद 55 मिनट चले मुकाबले में चीनी ताइपे की खिलाड़ी के खिलाफ 15-21, 21-19, 11-21 से हार गई। श्रीकांत की नौ मैचों में मोमोता के खिलाफ यह छठी हार है जबकि सिंधू को ताइ जू के खिलाफ नौ मैचों में हार का सामना करना पड़ा जिसमें यह उनकी लगातार पांचवीं हार है। ताइ जू ने कोर्ट पर अच्छी मूवमेंट दिखाई और आक्रामक के साथ अच्छा रक्षात्मक खेल भी दिखाने में सफल रही जिससे उन्हें सिंधू के खिलाफ जीत दर्ज करने में मदद मिली। सिंधू और ताइ जू ने कुछ अच्छी रैली भी खेली जिसमें अच्छे ड्राप और नेट शाट देखने को मिले। पहले गेम में ताइ जू ने बेहतर शुरुआत करते हुए 9-6 की बढ़त बनाई। सिंधू ने वापसी की कोशिश की लेकिन ब्रेक तक चीनी ताइपे की खिलाड़ी 11-9 से आगे थी। ताइ जे काफी फिट नजर आ रही थी और उनके ड्राप शाट और स्मैश शानदार थे। उन्होंने इसके बाद स्कोर 20-15 पर पहुंचाया और सिंधू की गलती के साथ पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में सिंधू ने शानदार शुरुआत करते हुए 5-0 की बढ़त बनाई। ताइ जू ने हालांकि वापसी करते हुए 9-9 पर बराबरी हासिल कर ली और ब्रेक तक वह 11-10 के मामूली अंतर से आगे थी। सिंधू ने हालांकि ताइ जू को हावी होने का मौका नहीं दिया और लगातार चार अंक के साथ 18-16 की बढ़त बना ली। ताइ जू ने फिर वापसी करते हुए 19-18 की बढ़त बनाई लेकिन ताइ जू के बाहर शाट खेलने पर सिंधू को गेम प्वाइंट मिला और फिर चीनी ताइपे से दोबारा इस गलती को दोहराकर दूसरा गेम भारतीय खिलाड़ी की झोली में डाल दिया। तीसरे और निर्णायक गेम में 4-4 के स्कोर के बाद ताइ जू ने 11-6 की बढ़त बनाई। चीनी ताइपे की खिलाड़ी ने जल्द ही स्कोर 16-8 किया। सिंधू ने इसके बाद दो कमजोर रिटर्न दिए जिससे ताइ जू का चौथी बार मलेशिया ओपन के फाइनल में जगह बनाना सुनिश्चित हुआ। दूसरी तरफ श्रीकांत और मोमोता के बीच शुरू में कड़ी टक्कर देखने को मिली। स्कोर पहले 3-3 और फिर 5-5 था जिसके बाद जापान के खिलाड़ी ने 10-7 की बढ़त बना ली। श्रीकांत ने इसके बाद अच्छी रैली जीती लेकिन जब नेट पर शाट खेलकर ब्रेक तक मोमोता को बढ़त बरकरार रखने का मौका दिया। बायें हाथ से खेलने वाले जापान के खिलाड़ी ने इसके बाद कोर्ट पर अपनी अच्छी मूवमेंट से पहले 13-8 और फिर 17-12 की बढ़त बनाई। श्रीकांत ने बैकलाइन पर गलती के साथ मोमोता को गेम प्वाइंट दिया जिन्होंने शानदार नेट शाट के साथ पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में मोमोता शुरू से ही हावी रहे उन्होंने 5-1 की बढ़त बनाई और फिर ब्रेक तक 11-5 से आगे हो गए। जापान के खिलाड़ी ने इसके बाद भी लगातार अंक जुटाए और श्रीकांत के नेट पर शाट उलझाने के साथ मैच जीत लिया।