किसान की ज़िंदगी पर बनी फिल्म ‘मोती बाग’ आस्कर में हुई नामीनेट


श्रीनगर, 19 सितम्बर (इंट.): कहते हैं मेहनत किसी उम्र की मोहताज नहीं होती कुछ ऐसी ही मिसाल 83 वर्षीय विद्या दत्त शर्मा ने पेश की है। जिनकी जीवनशैली पर बनी एक शार्ट डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोती बाग’ को आस्कर अवार्ड के लिए भारत से चयनित किया गया है।उम्र के इस पड़ाव में भी किसानी के प्रति अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले 83 वर्षीय विद्या दत्त शर्मा का ये लगाव ही है कि नायब तहसीलदार की नौकरी छोड़कर खेती के कार्य में जुट गए और जैविक खेती के जरिए ही 22 किलो 750 ग्राम की गोल मूली के साथ ही साढ़े छह किलो की गोभी के साथ ही 3 से 4 फीट की लम्बी मूली को अपने खेतों में उगाकर सबको हैरत में डाल दिया। इन सब्जियों से शर्मा ने एक मिसाल पेश की, जिस पर लिम्का बुक वर्ल्ड के लिए भी विद्या दत्त का नाम चयन किया गया था। शर्मा की इसी मेहनत को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए शर्मा पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई।मोती बाग में बताया गया  है कि किस प्रकार से 84 वर्षीय बुजुर्ग विद्या दत्त शर्मा ने पहाड़ की विषम परिस्थितियों में अपनी मेहनत से अपने गांव मोती बाग को हरा भरा रखा है। एक घंटे की फिल्म में किसान विद्या दत्त शर्मा का जीवन संघर्ष दिखाया गया है। अब इस डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोती बाग’ का चयन आस्कर अवार्ड के लिए भारत से हुआ है।