सिंध हाईकोर्ट ने दिए हिन्दू लड़की के कत्ल की न्यायिक जांच के आदेश


अमृतसर, 25 सितम्बर (सुरिंदर कोछड़): पाकिस्तान के प्रांत सिंध के ज़िला लरकाणा के बीबी आसिफा डैंटल कालेज की अंतिम वर्ष की छात्रा व सामाजिक कार्यकर्त्ता नम्रता चांदनी की मौत की न्यायिक जांच के लिए सिंध हाईकोर्ट द्वारा आदेश जारी किए गए। इससे पूर्व सरकार द्वारा न्यायिक जांच की, की गई सिफारिश को लरकाणा के ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश ने यह कर रद्द कर दिया था कि गृह विभाग ने उसे सीधे तौर पर अपील की है कि जबकि ऐसी हिदायतें सिंध हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की ओर से की जानी चाहिए थी। 16 सितम्बर को होस्टल के कमरे में डा. नम्रता रहस्मयी ढंग से मृत अवस्था में मिली थी। इस मामले में अब तक 32 लोगों को हिरासत में लिया गया है और गिरफ्तार व्यक्तियों में मृतका के दो सहपाठी भी शामिल हैं। नम्रता की मौत के बाद इसे आत्महत्या का मामला साबित करने के लिए कई प्रयास किए गए जबकि दूसरी ओर माहिरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई कमियां हैं और मुख्य तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि तस्वीरों में दिखाई दे रही उक्त लड़की की मृत देह के गले पर निशान दुपट्टे के नहीं बल्कि किसी बारीक रस्सी जैसी किसी वस्तु के हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि हिन्दू छात्रा द्वारा आत्महत्या की गई है परंतु निशानों से पता चलता है कि छात्रा का गला दबाया गया है। इसी सबके चलते नम्रता की कैमीकल निरीक्षण रिपोर्ट रोहड़ी की सरकारी लैबोरेटरी को जारी की गई। तीन डाक्टरों के संयुक्त हस्ताक्षरों के साथ रिपोर्ट में कहा गया है कि नम्रता की दो तरह से जांच की गई।