विश्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6 प्रतिशत किया


वाशिंगटन, 13 अक्तूबर (भाषा) : विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर रविवार को 6 प्रतिशत कर दिया। वित्त वर्ष 2018-19 में वृद्धि दर 6.9 फीसदी रही थी। हालांकि, दक्षिण एशिया आर्थिक फोकस के ताजा संस्करण में विश्व बैंक ने कहा कि मुद्रास्फीति अनुकूल है और यदि मौद्रिक रुख नरम बना रहा तो वृद्धि दर धीरे-धीरे सुधर कर 2021 में 6.9 प्रतिशत और 2022 में 7.2 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की संयुक्त वार्षिक बैठक से पहले जारी रिपोर्ट में लगातार दूसरे साल भारत की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट का अनुमान व्यक्त किया गया है। विनिर्माण और निर्माण गतिविधियों में वृद्धि के कारण औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गई, जबकि कृषि और सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर क्रमश: 2.9 और 7.5 प्रतिशत रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-20 की पहली तिमाही में मांग के मामले में निजी खपत में गिरावट तथा उद्योग एवं सेवा दोनों में वृद्धि कमज़ोर होने से अर्थव्यवस्था में सुस्ती रही। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 2018-19 में चालू खाता घाटा बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.1 प्रतिशत हो गया। वहीं रिपोर्ट के अनुसार नेपाल और बांग्लादेश की आर्थिक रफ्तार भारत से भी तेज़ रहने का अनुमान है।