जलियांवाला बाग पर एंट्री टिकट लगाने को लेकर विरोध शुरू



अमृतसर, 14 जनवरी (गगनदीप शर्मा) : शहीदों की कर्म भूमि जलियांवाला बाग पर एंट्री टिकट लगाने को लेकर विरोध उठना शुरू हो गया है। अमृतसर विधानसभा हलका पश्मिची से कांग्रेसी विधायक डा. राज कुमार वेरका ने आज अपने साथियों के साथ जलियांवाला बाग में रोष धरना लगाया और कहा कि शहीदों का अपमान कतई बर्दाशत् नहीं किया जाएगा। विधायक डा. वेरका ने कहा कि जलियांवाला बाग शहीदों की कर्म भूमि है। यहां पर सैंकड़ों लोगों का खून बहा था। देश-विदेशों से रोजाना लाखों लोग यहां पहुंच कर शहीदों को नमन करने और शहादत का जाम पीने वाले शहीदों का इतिहास जानने आते हैं। मगर मोदी सरकार है कि उन्हीं शहीदों के नाम पर पैसा कमाने का जरिया ढूंढ रही है। इसके लिए मेन गेट पर स्थापित शहीद उधम सिंह जी की प्रतिमा के सामने एक रिकवरी कमरा बनाया जा रहा है।  इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री से पुरजोर अपील की कि यहां पर सभी धर्मों के लोग बिना शहीदों को नमन करने आते है। इसलिए शहीदों के इस सम्मानित स्थान पर एंट्री टिकट लगाने के फैसले को तुरंत वापिस लिया जाए। साथ ही उन्होंने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देकर यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस समय के अंदर-अंदर इस फैसले को वापिस नहीं लिया गया तो वह आंदोलन छेड़ देंगे।
जलियांवाला बाग शहीद परिवार समिति का रोष धरना कल : कांग्रेसियों के बाद अब जलियांवाला बाग शहीद परिवार समिति द्वारा भी एंट्री टिकट लगाने को लेकर रोष धरना देने का फैसला लिया गया है। समिति के प्रधान महेश बहल ने बताया है कि यह रोष धरना जलियांवाला बाग के अंदर शहीदी स्मारक के समक्ष 16 जनवरी (वीरवार) बाद दोपहर 2.00 बजे लगाया जा रहा है।  
फिलहाल जलियांवाला बाग की एंट्री बिल्कुल फ्री : मुखर्जी : जलियांवाला बाग नैशनल मैमोरियल ट्रस्ट के सैक्रेटरी एस.के. मुखर्जी का कहना है कि जलिंयावाला बाग पर टिकट लगाने का फैसला सरकार का है। फिलहाल अभी इस प्रक्रिया को अपनाया नहीं गया है और जलियांवाला बाग में दाखिल होने के लिए किसी से कोई पैसा नहीं लिया जा रहा।