मुशर्रफ को असम्मानजनक ढंग से लौटने के लिए बाध्य किया जा सकता है : अदालत



इस्लामाबाद, 2 अक्तूबर (भाषा): पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश सादिक निसार ने पूर्व तानाशाह परवेज़ मुशर्रफ के पाकिस्तान नहीं लौटने और उनके खिलाफ चल रहे मामलों का सामना करने में विफल रहने को लेकर मंगलवार को नाराज़गी जतायी। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ‘साहसी कमांडो’ जल्द उपस्थित नहीं होते हैं तो उन्हें असम्मानजनक ढंग से लौटने के लिए बाध्य किया जा सकता है।
अदालत ने यह टिप्पणी उस समय की, जब मुशर्रफ के वकील ने तीन सदस्यीय पीठ से कहा कि उनके मुवक्किल ‘अदालत का सम्मान करते हैं’ लेकिन सुरक्षा के प्रावधान को लेकर आपत्ति तथा अपनी तबीयत के कारण वापस लौटने में असमर्थ हैं। मुशर्रफ  2016 से दुबई में रह रहे हैं। 2007 में संविधान को स्थगित करने के कारण उनके खिलाफ देशद्रोह का केस चल रहा है। पूर्व सैन्य शासक इलाज के लिए मार्च 2016 में दुबई गए थे और तब से वापस नहीं लौटे हैं।