जलियांवाला बाग के शहीदी कुएं व गैलरी की ओर जाने वाले रास्ते बंद


अमृतसर, 19 सितम्बर (सुरेन्द्र कोछड़): पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के माहिरों की देख-रेख में जलियांवाला बाग में नए स्मारकों के निर्माण और पुराने ढांचों के नवनिर्माण व सौंदर्यीकरण के चलते निर्माण करवा रही कम्पनी द्वारा बाग मध्य ऐतिहासिक शहीदी कुएं और गैलरी की ओर जाने के रास्ते पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा सोविनियर हाल को भी बिल्कुल नया रूप दिया जा रहा है। इस निर्माण के चलते चाहे देश-विदेश में जलियांवाला बाग में पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए वहां मौजूद स्मारकों  का दीदार करना असंभव बन चुका है, पर इसके बावजूद यात्रियों की आमद में कोई खास कमी नहीं आई है।एन.बी.सी.सी. (भारत) द्वारा पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की देख-रेख में अहमदाबाद (गुजरात) की जिस वामा कन्यूनिकेशन नामक कम्पनी के तरफ से उक्त कुएं समेत जलियांवाला बाग में पुराने ढांचों का नवनिर्माण, नए स्मारकों का निर्माण के साथ-साथ म्यूज़ियम, हैरीटेज साइटस के पुनर स्थापन और सांभ-संभाल का काम करवाया जा रहा है, के अधिकारियों का कहना है कि एतिहासिक कुएं के अंदरूनी ढांचे के साथ बिना कोई छेड़छाड़ किए स्मारक का निर्माण काफी काम मुकम्मल कर लिया गया है। उक्त कुएं के अलावा उसके साथ लगते पुराने घर की मुरम्मत का काम भी पुरातत्व माहिरों की देख-रेख में जारी है। निर्माण करवा रही कम्पनी के अधिकारियों का दावा है कि बाग में स्मारकों का निर्माण  मुकम्मल होने पर यह स्मारक अपने साथ घटित 13 अप्रैल, 1919 के नरसंहार की कहानी यहां आने वाले लोगों से शबद-दर-शबद बयान करेंगे। इस प्रकार बाग स्मारक के मध्य गैलरियों और हाल का सौंदर्यीकरण करके वहां नए खम्भे खड़े करके उन पर बाग में शहीद होने वाले लोगों के नाम और शहीद ऊधम सिंह की आत्मकथा लिखी जाएगी।