किसानों तक नहीं पहुंचेगा पराली की संभाल के लिए घोषित मुआवजा - चीमा


फतेहगढ़ साहिब, 21 नवंबर - (अरुण आहूजा) - पिछली अकाली सरकार के समय अस्तित्व में आए बिजली माफिया, रेत माफिया, लैंड माफिया, केबल माफिया और गुंडा टैक्स आज भी बरकरार हैं जिसे अब इस राज को कैप्टन सरकार का परिवार ही चला रहा है, जो आज वित्तीय संकट का ढिंढोरा पीट रहे हैं। यह शब्द आज आम आदमी पार्टी के विपक्षी नेता हरपाल सिंह चीमा ने आज फतेहगढ़ साहिब पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में कहे। चीमा ने कहा कि जब कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव लड़ा था, तब भी वित्तीय संकट बना हुआ था, फिर लोगों के साथ झूठे वायदे क्यों किये गए? लोगों को मुफ्त बिजली देने की बातें करने वाले बतायें कि एक बल्ब चलाने वाले गरीब का बिल 8000 से लेकर 10000 रुपए कैसे आ रहा है। यह सब बिजली माफिया के कारण हो रहा है। उन्होंने कहा कैप्टन सरकार की कार्यगुजारी शून्य के बराबर है, पंजाब के लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। पराली की संभाल के लिए मुआवजे की घोषणा बेशक कर दी है, परंतु यह बहुत कम है, जो आम किसान तक तो पहुंचता भी नहीं।