बिना ट्रीट किया सतलुज में डाला जाने वाला पानी बांट रहा लोगों को भयानक बीमारियां


लाडोवाल, 29 नवम्बर (अमर सिंह माहला): अमृत कहा जाने वाला पानी आजकल भयानक बीमारियां बांट रहा है। पंजाब की कांग्रेस सरकार चाहे सतलुज दरिया में कैमीकल वाली फैक्टरियों का पानी अब न पड़ने की घोषणा कर रही है परन्तु वास्तव में कैमीकल वाला पानी भट्टियां ट्रीटमैंट प्लांट व अन्य कैमीकल फैक्टरियों की औद्योगिक ईकाइयों द्वारा सतलुज दरिया में फेंके जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। यह पानी पंजाब के मालवा क्षेत्र व राजस्थान के जैसलमेर तक नहरों द्वारा जाकर जहां लोगों को भयानक बीमारियों के हवाले कर रहा है वहीं कई ज़िलों में माताओं की कोख पर असर पड़ने के कारण बच्चे भी जन्म से अपाहिज पैदा हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार सतलुज दरिया लुधियाना ज़िले के कुछ गांवों से गुज़रता है तथा हरीके हैड वर्क्स व ब्यास दरिया के साथ मिलता है। यहां यह एकत्रित हुआ पानी पंजाब के मालवा क्षेत्र को व राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र तक सरहंद कैनाल, राजस्थान फीडर, ईस्टरन, कैनाल व रंग कैनाल द्वारा जाता है। कैमीकल वाला पानी भट्टियां ट्रीटमैंट प्लांट व अन्य कैमीकल फैक्टरियों द्वारा सतलुज दरिया में डाले जाने संबंधी जब पत्रकार द्वारा मौके पर जाकर देखा तो हैरानीजनक तथ्य सामने आए। उन्होंने देखा कि एक अनुमान अनुसार हर रोज़ सैकड़ों क्यूसिक पानी सातों दरों में डाला जा रहा है। एक ओर सतलुज दरिया का पानी पीछे से आ रहा है, दूसरी ओर यहां पहुंच कर कैमीकल वाला पानी मिलने के कारण काला हो रहा है। वर्णनीय है कि पैस्टीसाइडज़ व अन्य सामान बनाने वाली दर्जनों फैक्टरियों के कैमीकल मिले सैकड़ों क्यूसिक पानी की निकासी सतलुज दरिया में की जा रही है, इससे सतलुज व व्यास का मिला हुआ सारा पानी ही दूषित हो जाता है। लोगों को भयानक व ला-इलाज बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है।प्रदूषण कन्ट्रोल बोर्ड के एस.डी.ओ. हसप्रीत से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि हम हर माह ट्रीटमैंट प्लांट के पानी की चैकिंग करते हैं, यदि फिर भी कोई कमी दिखती है तो उसको शीघ्र दूर कर दिया जाएगा। सतलुज दरिया के किनारे बसे गांवों के लोगों ने सरकार से मांग की कि दरिया में डाला जाने वाला फैक्टरियों द्वारा कैमीकल वाला पानी सतलुज दरिया  में डालने की बजाय उसका कोई और हल किया जाए या अच्छी तरह ट्रीट कर डाला जाए ताकि लोगों को भयानक बीमारियों से छुटकारा मिल सके।