डा. हमदर्द ने अपनी मधुर व खूबसूरत आवाज़ से बांधा समां


बरनाला, 17 नवम्बर (सुखविंदर सिंह फुल्ल, गुरप्रीत सिंह लाडी, विजय भंडारी, नरेन्द्र अरोड़ा) : प्रसिद्ध शायर स.स. मीशा की शायरी पर आधारित और ‘अजीत प्रकाशन समूह’ के मुख्य सम्पादक डा. बरजिन्दर सिंह हमदर्द जी की गायन की चार एलबमों ‘संवेदना’, ‘दास्तान’, ‘दर्द-ए-दिल’ और ‘जुगनू’ का रिलीज़ समारोह आडीटोरियम, वाई.एस. कालेज हंडियाया में पूरी सफलता के साथ सम्पन्न हुआ। समागम की शुरुआत गुरबचन सिंह शेरपुरी के कवीशरी जत्थे की तरफ से की गई। फिर प्रसिद्ध साहित्यकार डा. लखविन्दर सिंह जौहल ने डा. हमदर्द जी के संगीतमयी सफर की दास्तां बयां करते उनको एलबमों की ़गज़लें सुनाने के लिए स्टेज पर न्यौता दिया। डा. हमदर्द ने संगीतकार राहुल, पारस और नीरज के सहयोग के साथ अपनी विलक्षण और मधुर आवाज़ में पहली ़गज़ल गाकर ऐसा माहौल बनाया कि मानो समय ही रूक गया। गजल के बोल थे:-
‘झिजकदा मैं वी रिहा, ओह वी बहुत संगदे रहे,
चुप-चुपीते एक दूजे दी खैर सुख मंगदे रहे।’
गज़ल के बोल समाप्त हुए डा. जौहल साहिब ने स्टेज से डा. हमदर्द जी की गाई पहली एलबम ‘जज़्बात’ बारे रौशनी डाली और डा. हमदर्द को अपनी दूसरी गजल पेश करने का न्यौता दिया। दूसरी गज़ल के बोल थे:-
‘अध्धी रात पहर दे तड़के, 
अख्खां विच्च उनींदा रड़के।’
शायर स.स. मीशा की इस गज़ल के साथ हाजरीन श्रोतागण झूम रहे थे, फिर डा. हमदर्द ने अपनी तीसरी ़गज़ल पेश की। जिस के बोल थे:-
‘नेरियां विच्च टिमटमाईए दोस्तो,
अख्खियां दीवे बनाइए दोस्तो।
डा. जौहल ने डा. हमदर्द जी के संगीतमयी सफर की एलबमों पर रौशनी डालते उनको अपनी अगली पेशकारी करने का न्यौता दिया। डा. हमदर्द जी ने अपनी तीसरी गज़ल पेश की, जिस के बोल थे:-
‘शाम दी ना सवेर दी गल्ल है,
वक्त दे हेर फेर दी गल्ल है।’
संगीत का जादू श्रोताओं के सिर चढ़ कर बोल रहा था। संगीत के निरंतर बहते बहाव में डा. हमदर्द श्रोतागणों का प्यार देख कर मंत्रमुग्ध हो उठे। फिर उन्होंने चौथी ़गज़ल का गायन किया, जिस के बोल थे:-
‘छड्डो सुपने दे विच्च होईआं गल्लां पिछले पहर दीयां।’
डा. हमदर्द ने पेशकारी के दौरान आखिरी गज़ल संकेतमयी संदेश देती गाकर श्रोतागणों को लम्बे समय तक सोचने के लिए मजबूर कर दिया। जिस के बोल थे:-
‘चंग्गे नहीं आसार नगर दे, उघ्घण पहरेदार नगर दे।’
गायकी के दौर के उपरांत चारों एलबमों को रिलीज़ करने की रस्म अदा की गई। पहली एलबम ‘संवेदना’ को डा. बरजिन्दर सिंह हमदर्द के साथ पंजाब के शिक्षा मंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री विजैइन्द्र सिंगला, पूर्व मुख्य मंत्री बीबी रजिन्दर कौर भट्ठल, पूर्व  वित्त मंत्री परमिन्दर सिंह ढींडसा, पनसप के चेयरमैन तेजिन्दर सिंह बिट्टू, विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, विधायक अमन अरोड़ा, विधायक  कुलवंत सिंह पंडोरी, विधायक गुरमीत सिंह मीत हेयर, विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर, लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन रमेश मित्तल, परविन्दर सिंह बरमिंघम, स. परमवीर सिंह और स. हरप्रीत सिंह डायरैक्टर सर्व मल्टीप्लैक्स, एस.एस.पी. बरनाला हरजीत सिंह, ए.डी.सी. संगरूर  राजिन्दर बत्रा, वाई.एस. ग्रुप के प्रधान प्रो. दर्शन कुमार ने रिलीज किया।इसी प्रकार दूसरी एलबम ‘दास्तान’, तीसरी एलबम ‘दर्द-ए-दिल’ व चौथी एलबम ‘जुगनू’ को समाजसेवक, साहित्यकार, लेखक, बुद्धिजीवी, राजनीतिक नेता, पत्रकार व अन्य प्रसिद्ध शख्सियताें ने रिलीज़ किया।  समागम में ‘अजीत प्रकाशन समूह’ के कार्यकारी सम्पादक सतनाम सिंह माणक, मुख्य कार्यालय जालन्धर के प्रशासनिक स्टाफ में से अमरजीत सिंह, राजिन्दर सिंह, स्टाफ रिपोर्टर पटियाला जसपाल सिंह ढिल्लों, उप-कार्यालय मोगा के इंचार्ज सुरिन्दरपाल सिंह और उप-कार्यालय पटियाला के इंचार्ज गुरप्रीत सिंह चट्ठा भी मौजूद थे।