गले के दर्द को ऐसे करें नियंत्रित


सर्दी इस समय अपने यौवन पर है। भरपूर सर्दी के कारण सर्दी-जुकाम, गला खराब, खांसी, बुखार का होना आम बात है। अधिकतर लोग इन इंफेक्शनों से परेशान हैं। थोड़ी सी लापरवाही सीधा गले पर प्रभाव डालती है। परिणामत: गले की खिच-खिच, खांसी होना स्वाभाविक सी बात है। अगर समय रहते इस खिच खिच को नियंत्रित न किया जाए तो यह समस्या बन सकती है। गले का दर्द इतना बढ़ जाता है कि बात करना तो मुश्किल होता ही है, उसके साथ-साथ न आप कुछ खा पाते हैं न निगल पाते हैं। पानी पीना भी बहुत मुश्किल हो जाता है और दिन भर दर्द भी बना रहता है। इस समस्या से दूरी हेतु कुछ बातों पर ध्यान दें ताकि गले की इंफेक्शन से बचा जा सके।
नमक वाले गर्म पानी के गरारे
गर्म पानी में नमक मिला कर गरारे करने से गले को राहत मिलती है, इससे गले की सूजन कम होती है। गरारे करने के एक दम बाद थोड़ा-सा नमक मिला गुनगुना पानी पी लें ताकि अंदर तक गले को राहत मिल सके। गरारे आप दिन में तीन से चार बार कर सकते हैं पर खाने के एक दम बाद गरारे न करें। गरारे करने के बाद बाहर ठंड में भी न निकलें और न ही कुछ ठंडा लें। गले पर मफलर या स्टॉल डालें। 
गर्म तरल पदार्थ लें
गले में दर्द और इंफेक्शन होने पर हर थोड़ी देर में कुछ न कुछ गर्म तरल पदार्थ लेते रहें जैसे गुनगुने पानी में शहद मिलाकर, नींबू मिलाकर दिन में दो तीन बार अदरक तुलसी वाली चाय, ताजी सब्जियों का सूप, घरेलू चीजों से बना काढ़ा (पानी में थोड़ा अदरक, तुलसी के पत्ते, एक चुटकी हल्दी, एक चुटकी काली मिर्च पिसी हुई, चुटकी भर नमक, करी पत्ते के कुछ पत्ते, चीनी या मिश्री डालकर पांच छ: धीमी आंच पर उबालने के बाद उसे छान कर सिप सिप कर पिएं। अगर घर पर शहद उपलब्ध है तो चीनी मिश्री के स्थान पर कप में शहद डालकर ऊपर से गर्म काढ़ा छान कर डालें। इसके सेवन के बाद दो घंटे तक कुछ भी ठंडा न लें और बाहर न निकलें।
स्टीम लें
सर्दी में सर्दी लगने पर स्टीम बहुत लाभकारी होती है, विशेषकर जब आप बंद कमरे में बिस्तर पर बैठे लेटे आराम कर रहे होते हैं। स्टीमर चलाकर दरवाजे खिड़कियां बंद कर दें। थोड़ी देर में कमरे में स्टीम फैल जाएगी। इससे आपकी खांसी, सर्दी और गले के दर्द में आराम मिलेगा। चाहें तो स्टीमर के पानी में यूक्लिपटस तेल की कुछ बूंदे या थोड़ी-सी विक्स डाल सकते हैं। गले की सभी नस नाड़ियां स्टीम लेने से खुल जाती हैं। देसी घी गर्म कर गले पर हल्की मालिश करें। दो तीन दिन में दो बार करें। ध्यान रहे मालिश के बाद बाहर न निकलें। गले पर मफलर या सूती चुन्नी लपेट लें। काफी आराम महसूस होगा।

(स्वास्थ्य दर्पण)
-नीतू गुप्ता